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प्याज के भाव को 'कंट्रोल' में रखने भंडारण सीमा तय करेगी मध्यप्रदेश सरकार - Humara Mandsaur
Mon. Oct 14th, 2019

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प्याज के भाव को ‘कंट्रोल’ में रखने भंडारण सीमा तय करेगी मध्यप्रदेश सरकार

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प्याज के भावों को ‘कंट्रोल’ में रखने के लिए कमलनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत प्याज के अधिकतम भंडारण की सीमा तय करने का मसौदा खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने तैयार कर लिया है। इसके तहत थोक व्यापारी 500 और फुटकर विक्रेता 100 क्विंटल से ज्यादा प्याज का भंडारण नहीं कर सकेंगे।

पिछले एक पखवाड़े में प्याज के भाव में पूरे देश में काफी बढ़ोतरी हुई। प्रति किलोग्राम प्याज 90 रुपए तक पहुंच चुका है। हालांकि, मध्यप्रदेश में अभी प्याज का भाव अधिकतम 50 रुपए किलोग्राम पहुंचा है। अभी यह 40 रुपए किलोग्राम के आसपास चल रहा है। केंद्र सरकार ने प्याज के भाव में तेजी को देखते हुए निर्यात पर रोक लगा दी है।

उधर, राज्यों से कहा है कि वो भी कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठाए। इसके मद्देनजर कमलनाथ सरकार ने प्याज के भंडारण की अधिकतम सीमा तय करने के लिए कंट्रोल ऑर्डर लागू करने का फैसला किया है। इसमें थोक व्यापारी पांच सौ और फुटकर व्यापारी सौ क्विंटल से अधिक प्याज का भंडार नहीं कर पाएंगे। बताया जा रहा है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग एक सप्ताह के भीतर इसके आदेश जारी कर देगा।

केंद्र सरकार पहले ही लागू कर चुकी है स्टॉक सीमा

प्‍याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने प्याज व्यापारियों को बाजार में स्टॉक को जारी करने और व्यापारियों द्वारा जमाखोरी को रोकने की सुविधा के लिए स्टॉक सीमा लागू कर दी थी। खुदरा व्यापारियों पर 100 क्विंटल और थोक व्यापारियों पर 500 क्विंटल की स्टॉक सीमा पूरे देश में लगाई गई है।

इसलिए बढ़ गए दाम

देश के कई राज्यों कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से प्याज की फसल प्रभावित हुई है। कर्नाटक में नए प्याज की आवक तो शुरू हो गई है, लेकिन परिवहन लागत ज्यादा होने के कारण कर्नाटक का नया प्याज दिल्ली में महंगा पड़ रहा है। इससे वहां की मांग मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तरफ बनी हुई है। गुजरात और मध्य प्रदेश में बारिश से प्याज की फसल को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि मौसम अब साफ होने लगा है, ऐसे में नई फसल की आवक का दबाव अक्टूबर के अंत और नवंबर में बनेगा।

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