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जिला अस्पताल में 25 दिन में 8935 मरीज पहुंचे, सर्वाधिक 2189 बुखार - Humara Mandsaur
Mon. Oct 14th, 2019

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जिला अस्पताल में 25 दिन में 8935 मरीज पहुंचे, सर्वाधिक 2189 बुखार

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जिला अस्पताल में 25 दिन की अवधि में 8 हजार 935 मरीज पहुंचे हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या दो हजार 189 मरीज बुखार थे। इसके अलावा सर्दी-जुकाम और खांसी से ग्रसित मरीज भी अधिक संख्या में पहुंचे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों के अधिक संख्या में पहुंचने से डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ पर काम पर दबाव बढ़ गया है। बीमारों की संख्या में इजाफे का कारण बदलते मौसम और बीमारियों के कीटाणुओं के लिए अनुकू ल माहौल होना बताया जा रहा है।

जिले में इस बार अतिवृष्टि और बाढ़ के हालात बने। दो दिन से जिले में बारिश का दौर थम चुका है। बारिश थमने के बाद मौसम में उमसभरी गर्मी का प्रभाव अधिक है। सितंबर माह की शुरुआत से अधिकांश समय तक बारिश का क्रम बना रहा। हल्की धूप से उमसभरा मौसम भी बना। इसके कारण जिले में मौसमी बीमारियां का प्रकोप बढ़ा है। जिला अस्पताल के आंकड़े ही बेहद चौंकाने वाले हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर यकीन करें तो 1 सितंबर से अब तक जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 8 हजार 935 मरीज पहुंचे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार थे। इनकी संख्या करीब 2 हजार 189 तक पहुंची। वहीं सर्दी जुकाम के 350, खांसी के 116, एलर्जी के 550 से अधिक मरीज पहुंचे। इन बीमारियों को मौसमी बीमारी माना जा रहा है। वर्तमान में भी जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों से ग्रसित लोगों के पहुंचने का क्रम निरंतर जारी है। बीमारियों के प्रकोप का कारण बदलते मौसम को माना जा रहा है। डॉक्टरों ने मौसम के अनुकू ल सावधानी बरतने की अपील नागरिकों से की है।

एक निगाह में बीमारी से ग्रसित लोगों की स्थिति-

जिला अस्पताल में 1 से 19 सितंबर की अवधि में 8 हजार 935 मरीज पहुंचे। इनमें अधिकांश मौसमी बीमारियों से ग्रसित थे। इन मरीजों में 2189 बुखार, 957 हाथ-पैर दर्द, 60 उल्टी, 60 दस्त, 111 सिर दर्द, 116 आंखों से संबंधित रोग, 177 घबराहट, 550 एलर्जी, 68 सूजन, 350 सर्दी जुकाम, 116 खांसी सहित अन्य बीमारियों के मरीज शामिल रहे हैं। इन्हें जांच के बाद उचित इलाज मुहैया कराया गया है।

बीमारियों के प्रकोप के कारण-

– निरंतर बारिश से नमी युक्त वातावरण रहना।

– बारिश थमने के बाद उमसभरी गर्मी बढ़ना।

– मक्खी-मच्छर सहित अन्य जीवों का तेजी से बढ़ना।

– उमसभरे मौसम में कीटाणुओं का तेजी से पनपना।

– खाली स्थानों पर बारिश का अधिक समय तक जमा रहना।

बचाव के लिए यह सावधानी रखे-

– मौसम के अनुकू ल आहार लें। बाजार में खुली सामग्री का उपयोग नहीं करें।

– घरों में या आसपास के इलाकों में बारिश का पानी जमा नहीं होने दें।

– सर्दी-जुकाम से ग्रसित लोगों से अपेक्षित दूरी बनाकर रखें।

– संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं। उसके कपड़े व सामान का उपयोग नहीं करें।

– सार्वजनिक व अधिक भीड़ वाले स्थानों पर जांच से बचे।

मेडिकल एक्सपर्ट व्यू-

जिला अस्पताल के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. एनके गोयल ने बताया कि निरंतर बारिश और इसके बाद उमसभरी गर्मी का मौसम बीमारियों के कीटाणुओं के लिए अनुकू ल मौसम होता है। इस कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है। इन दिनों सर्दी-जुकाम और बुखार का प्रकोप अधिक है। नागरिक कु छ सावधानी बरतकर बीमारियों से बच सकते हैं। यदि इसके बाद भी वे बीमारियों के प्रभाव में आते हैं तो चिकि त्सकों से परामर्श लें। बिना चिकि त्सकीय सलाह के दवाइयों का सेवन नहीं करें।

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