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मंदसौर-नीमच जिला राजनेताओं की सियासत का केन्द्र ,बाढ़ के सर्वे से संतुष्ट नही सिंधिया, - Humara Mandsaur
Mon. Oct 14th, 2019

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मंदसौर-नीमच जिला राजनेताओं की सियासत का केन्द्र ,बाढ़ के सर्वे से संतुष्ट नही सिंधिया,

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प्रदेश में इन दिनों मंदसौर-नीमच जिला राजनेताओं की सियासत का केन्द्र बन गया है, बाढ़ से बर्बाद हुई फसल और उसके मुआवजे को लेकर जमकर सियासत हो रही है। कभी विपक्ष इस पर सवाल खड़े कर रहा है तो कभी खुद कांग्रेस नेता अपनी ही सरकार पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे है। सीएम कमलनाथ के दौरे के बाद आज मंगलवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया यहां पहुंचे और सरकार द्वारा करवाए जा रहे सर्वे को लेकर नाराज हो गए। सिंधिया ने कहा कि मैं सर्वे से संतुष्ट नहीं हूं, सरकार दोबारा सर्वे करवाएं। वही उन्होंने दो टूक शब्दों में सरकार को चेताते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को मेरे किसानों के साथ खड़ा होना ही होगा।

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज और सीएम कमलनाथ के बाद आज सिंधिया मंदसौर नीमच बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दौरा करने पहुंचे। यहां उन्होंने खेतों में जाकर नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए सिंधिया ने कहा कि मालवा से मेरा पारिवारिक नाता है। आफत की इस घड़ी में मालवा के किसानों के साथ खड़े होना मेरी जिम्मेदारी नहीं बल्कि मेरा धर्म है। पिछले दिनों मेरी सीएम कमलनाथ से मुलाक़ात हुई थी। मैंने राज्य सरकार को 3 सुझाव दिए हैं। बाढ़ पीड़ितों को तीन स्तर पर राहत और सहायता मिलना चाहिए। बाढ़ पीड़ित किसानों को सबसे पहले राजस्व विभाग, फिर बीमा कंपनियों और अंत में केंद्र के आपदा राहत कोष से सहायता मिलना चाहिए। लेकिन जिस तरह से सर्वे किया गया है मैं संतुष्ट नहीं हूं,  दोबारा सर्वे होना चाहिए। एक-एक तहसीलदार एक-एक पटवारी वापस सर्वे के लिए जाए और एज़ इट इज़ सर्वे मान्य होना चाहिए। बादल अब खुलने लगे हैं, दो-तीन दिन बाद फिर से सभी जगह सर्वे होना चाहिए। सर्वे के आकलन की रिपोर्ट कलेक्टर के पास पहुंचना चाहिए।

शासन-प्रशासन को अन्नदाताओं के साथ खड़ा होना ही होगा

सिंधिया ने आगे कहा पिछले हफ्ते में ग्वालियर-चंबल अंचल में बाढ़ से प्रभावित गांवों के दौरे पर था, इस हफ्ते यहां हूं। यहां गांवों में लोगों से मिलने के बाद उज्जैन पहुंचकर मुरैना-भिंड के लिए रवाना होऊंगा, जहां बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों से मिलूंगा और उनकी हर समस्या में उनके साथ रहूंगा। संकट की इस घड़ी में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार अन्नदाताओं के साथ खड़ी है।  मप्र अन्नदाताओं का प्रदेश है और इसलिए, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ –  शासन-प्रशासन को मेरे अन्नदाताओं के साथ खड़ा होना ही होगा ।किसानों की मदद के लिए एमपी सरकार को केंद्र के पास प्रस्ताव भेजना चाहिए, हम सब मिलकर किसानों की लड़ाई लड़ेंगे।

 

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