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Mon. Oct 14th, 2019

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सभी तरफ बाढ़ छोड़ गई अपने निशान

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क्रवार रात लगभग 11 बजे से शुरू हुई बारिश शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि में जाकर थमी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि जगह-जगह अतिवृष्टि और बाढ़ अपने निशान छोड़ गई है। रविवार को जिले भर में लोग अपने बिखरे आशियाने समेटने में लगे रहे। जिलेभर में 50 से अधिक राहत शिविरों में भी करीब 10 हजार लोगों के लिए भोजन से लेकर रहने तक की व्यवस्था की गई है। रविवार सुबह तक जिले में औसत 77 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसमें गरोठ में 88 व कयामपुर में 87 इंच बारिश हुई है। शनिवार को सबसे ज्यादा 15-15 इंच बारिश धुंधड़का व संजीत क्षेत्र में दर्ज की गई। कयामपुर में 12, सीतामऊ में 11.5, मंदसौर में 8.5 इंच बारिश दर्ज की गई है।

जिले में रविवार को बारिश थमी तो नदी-नालों में उफान भी थमा। अभी गांधीसागर जलाशय के आस-पास गांवों में घुसा पानी नहीं उतरा है। क्योंकि बांध में पानी की आवक कम नहीं हो रही है। जिला व पुलिस प्रशासन के साथ ही सामाजिक संगठन भी लोगों को राहत शिविरों में पहुंचा रहे है। वहीं, अन्य आवश्यक वस्तुएं भी जुटाई जा रही है। प्रशासन ने बाहर से नावें भी बुलाई है और एनडीआरएफ की कुछ टीमें भी जिले में काम में लगी है

शनिवार को आई बरसात से नगर में हर गली मोहल्ले में 4-5 फीट तक पानी भर गया था। पांच फीट तक पानी घरों में घुस गया। इमली फाटक क्षेत्र में तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जल सैलाब आ गया हो। क्षेत्र में करीब 10 से 12 फीट तक पानी घरों एवं दुकानों में घुस गया। कई व्यापारियों की दुकानों के अंदर पानी जमा होने से सामान खराब हो गया। शासकीय कन्या उमा विद्यालय में बनी करीब 7 इंच मोटी

बाउंड्रीवाल भी पानी के तेज बहाव में बह गई। इमली फाटक पर सालों पहले बनी पुलिया पर लगी रैलिंग भी नींव के साथ उखड़ कर आधे रास्ते पर आ गई। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्रीड में करीब तीन फीट पानी जमा हो गया। इसके बाद एहतियात के तौर पर बिजली विभाग द्वारा 18 घंटे तक बिजली बंद रखी गई। ग्राम झारडा में भी रेतम नदी का पानी घुसने से जलमग्न हो गया। शनिवार देर रात तीन बजे भोपाल से आई एनडीआरएफ की टीम ने तहसीलदार मुकेश सोनी, पटवारी सुरेश श्रीवास्तव तथा अन्य प्रशासनिक अमले के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक वृक्ष पर फंसे परिवार को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। झारडा का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। मंदसौर-मनासा रोड रविवार को भी बंद ही रहा। झारडा चौकी के आशीष शुक्ला ने बताया कि पुल पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह बंद कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निरीक्षण कराने के बाद ही पुल पर आवागमन चालू हो पाएगा। प्रशासन की टीम रविवार को भी गांवों का मुआयना करती रही।

नाले में बहे पशु चिकित्सक का शव मिला

मंदसौर-सीतामऊ रोड पर तेली के कुएं के यहां नाले को पार करते समय शनिवार रात में पशु चिकित्सक डॉ. नरेंद्रसिंह कुशवाह बह गए थे। वह गुर्जरबर्डिया से अपनी ड्यूटी कर मंदसौर जा रहे थे। रविवार सुबह उनके परिजन और मित्र खोजने निकले तो नाले में रोड से कुछ ही दूर खजूर और बबूल के पेड़ में अटका उनका शव मिला। नई आबादी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाकर पीएम के लिए भेजा।

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