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अभी पासपोर्ट के लिए इंदौर-रतलाम के चक्कर लगाने होंगे - Humara Mandsaur
Sun. Sep 22nd, 2019

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अभी पासपोर्ट के लिए इंदौर-रतलाम के चक्कर लगाने होंगे

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रतलाम के बाद मंदसौर में भी पासपोर्ट केंद्र खुलने की घोषणा से लोगों को खुशी मिली थी। पर अब मामला जगह नहीं मिलने के कारण अटक रहा है। पासपोर्ट केंद्र के लिए डाक अधीक्षक ने पिछले वर्ष जनरल पोस्ट मास्टर को प्रस्ताव भी भेजा था और सांसद की तरफ से भी केंद्रीय संचार मंत्री से भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की मांग भी गई थी। पर पहले सिटी पोस्ट ऑफिस और अब मुख्य डाकघर में जगह का अभाव होने के फिलहाल इसकी प्रक्रिया रोक दी गई है। इसके चलते पासपोर्ट बनाने वाले लोगों को फिलहाल इंदौर-रतलाम के चक्कर लगाना होंगे।

जिले से औसत 150 से अधिक नागरिक हर माह पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

विदेश मंत्रालय द्वारा सभी जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र(पीओपीएसके) खोलने की हरी झंडी मिलने के बाद मंदसौर में भी प्रयास शुरू किए गए थे। पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए 800 वर्गफीट जमीन चाहिए थी। लेकिन नई आबादी में अफीम गोदाम रोड स्थित मुख्य डाकघर व घंटाघर स्थित सिटी पोस्ट ऑफिस के भवन में इतनी जगह नहीं होने के कारण पहले डाक अधीक्षक ने जगह का अभाव बता दिया था। बाद में डाक अधिकारियों ने मुख्य डाकघर के पीछे डाक विभाग की खाली जमीन एवं खाली भवन में से किसी जगह पर पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की प्लानिंग की थी।

पिछले साल डाक अधीक्षक आरडी कौरव ने पासपोर्ट सेवा केंद्र मंदसौर में खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर जनरल पोस्टमास्टर इंदौर को भेजा था। 10 लाख रुपए का प्रस्ताव भी अटका डाकघर में सांसद प्रतिनिधि दिनेश पोरवाल ने बताया कि सांसद सुधीर गुप्ता ने डाकघर के पीछे चिन्हित जमीन पर 800 वर्गफीट का हॉल बनाने के लिए केंद्रीय संचार मंत्री से 10 लाख रुपए की मांग की थी। पर वह भी पास नहीं हुए है। इधर जगह, पार्किंग और स्टॉफ की कमी के कारण केंद्र की प्रकिया अटक गई है। अब इसके लिए नए सिरे से डाक विभाग पस्ताव भेजेगा। यदि मंदसौर में पासपोर्ट केंद्र खुल जाता है तो मंदसौर के साथ ही नीमच जिले के लोगों को भी लाभ मिलेगा। पासपोर्ट बनवाने के लिए मंदसौर व नीमच के लोगों को रतलाम, इंदौर और भोपाल जाना पड़ रहा है।

हर माह 150 से अधिक व्यक्तियों के आते है आवेदन

जिले से प्रतिवर्ष औसतन एक हजार से अधिक लोगों के पासपोर्ट बनते हैं।

पोस्ट मास्टर के अनुसार कि प्रतिदिन पांच-सात लोगों के आवेदन आते हैं।

मंदसौर से सिंधी समाज एवं बोहरा समाज के लोगों के रिश्तेदार व व्यवसाय

विदेशों में होने से अधिकांश बार यही लोग आते-जाते हैं। इसके अलावा खिलचीपुरा और खानपुरा क्षेत्र से भी अधिक आवेदन आते हैं। नीमच में भी इतने

ही लोग हर साल विदेश जाते हैं। मंदसौर में पासपोर्ट केंद्र खुलने से सुविधाओं के साथ पासपोर्ट के लिए आवेदकों की संख्या भी बढ़ेगी। सभी प्रोसेस भी मंदसौर में ही होगी।

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