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5 माह में लहसुन के दाम 3 से 12 हजार रु. प्रति क्विंटल तक पहुंचे, किसान खुश

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उपज के दाम नहीं मिलने पर दो साल पहले जिले से किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से किसान उपज के उचित दाम दिलाने की मांग करते आ रहे हैं। इधर, पिछले चार-पांच माह से निरंतर उपज के दाम बढ़ रहे है। लहसुन के दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं। जनवरी में अधिकतम 3 हजार में बिकने वाली लहसुन आज 10 से 12 हजार तक पहुंच गई है। 400 रुपए क्विंटल बिकने वाले प्याज 1457 तक पहुंच गया। व्यापारियों के अनुसार अन्य राज्यों में उत्पादन कम होने व मांग अधिक होने से उपज के दाम बढ़ रहे हैं। दाम अच्छे मिलने व मंडी में सुविधा होने से बाहर के किसान भी मंदसौर मंडी पहुंच रहे हैं।

नोटबंदी के बाद से मंडियों में उपज के दाम आधे से भी कम रह गए। हालत यह हो गई कि दो साल पहले किसानों को आंदोलन करना पड़। वह आंदोलन देशभर में किसान आंदोलन के नाम से फैलता गया। जिले में 6 किसानों को जान गंवाना पड़ी तो राज्य में कई जगह हजारों वाहनों को आग के हवाले किया गया। आंदोलन शांत हुआ तो शासन ने किसानोंे को लाभ पहुंचाने के लिए भावांतर योजना शुरू की। इससे भी किसानों को विशेष लाभ नहीं मिला। लहसुन व प्याज जैसी उपज के दाम 500 से 3 हजार रुपए तक रह गए। दो साल से किसान प्याज तो मंडी में ही छोड़ कर जा रहे थे लेकिन अब खुश हैं। चार माह पहले तक 500 रुपए से 3 हजार तक बिकने वाली लहसुन अब 3500 से 12000 हजार तक पहुंच गई है। पहले जो अधिकतम दाम मिल रहे थे अब न्यूनतम दाम भी उससे ज्यादा मिल रहे हैं। जिले सहित आसपास के जिलो व राज्य के किसान भी लहसुन लेकर मंदसौर मंडी पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि दो माह से मंडी में लहसुन की बंपर आवक हो रही है। हालत यह है कि रोज 100 से 200 वाहन बाहर कतार में ही रह जाते हैं। मंडी में रोज 15 से 20 हजार कट्‌टे लहसुन की नीलामी हो रही है।

इसलिए बढ़े दाम : विदेशों में बनी हुई है मांग

मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र नाहर ने बताया कि गुजरात, पंजाब व राजस्थान में इस बार लहसुन का उत्पादन सामान्य रहा है। मांग बाजार में व विदेशों में बनी हुई है। मांग अधिक होने व उत्पादन कम होने से लहसुन के दाम बढ़ रहे हैं। मंदसौर मंडी में हर रोज करीब 15 हजार कट्‌टे से अधिक की नीलामी होती है। इसमें से 95 फीसदी लहसुन साउथ, महाराष्ट्र, बंगाल, चैन्नई सहित देश के हर कौने में जाता है। उसके बाद वहां से बाहर एक्सपोर्ट होता है।

मंदसौर मंडी में लहसुन के दाम अच्छे मिलने से बढ़ी आवक।

शाम तक नकद भुगतान कर दिया जाता

राजस्थान चित्ताैड़गढ़ जिले से आए मनीष तिवारी ने बताया कि लहसुन के दाम में विशेष अंतर नहीं है यहां और वहां के दाम में 200 से 500 रुपए का अंतर आता है। यहां इतने दाम अधिक हैं लेकिन यहां मंडी में ताैल व व्यापारियों द्वारा शाम तक नकद भुगतान कर दिया जाता है जिससे किसान यहां आते है।

प्याज की मांग भी बढ़ी है

मंदसौर मंडी में प्याज के दामों में भी वृद्धि आई है। जनवरी में जहां प्याज के दाम 200 से 500 रुपए तक थे। वर्तमान में यह दाम 1457 रुपए तक पहुंच गए है। मंडी व्यापारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि प्याज की आवक कम हो रही है, जबकि मांग थोड़ी बड़ी है। जिससे दाम में थोड़ी तेजी आई है इसके ज्यादा देर तक बने रहने की संभावना नहीं है।

 

 

ग्रह राशिफल, अंक ज्योतिषफल एंव टैरोकार्ड राशिफल 17/7/2019

समाचार जारी ...

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