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10 दिन से बारिश की खेंच से किसान परेशान, प्याज सहित सोयाबीन की फसल पर डाला असर - Humara Mandsaur
Mon. Oct 21st, 2019

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10 दिन से बारिश की खेंच से किसान परेशान, प्याज सहित सोयाबीन की फसल पर डाला असर

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बारिश की लंबी खेंच ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसान 100 फीसदी बोवनी कर चुके हैं। 10 दिन से खुला मौसम होने से किसानों को अब फिर बारिश का इंतजार है। मौसम की इस बेरुखी से हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि किसान दो से तीसरी बार कोलपे चलाने के बाद भी पौधे में नमी रहे इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिन में बारिश होने की संभावना है। किसानों के मुताबिक प्याज की रोपण सूखने की कगार पर है, पथरीली जमीन पर बोई सोयाबीन मुरझाने लगी है। मक्का की फसल पर भी विपरित प्रभाव पड़ रहा है।

अंचलभर में हुई बारिश का पानी चंबल, रेतम व शिवना नदियों में सूखता चला गया। कुओं व नलकूपों का फिलहाल जलस्तर सामान्य से भी कम है। इसके लिए किसानों को सिंचाई करना मुश्किल हो गया है। सोयाबीन व प्याज की रोपण के पौधे फिलहाल सूक्ष्म अवस्था में है। इन्हें कुएं के पानी से सिंचित किया जाता है तो नमी बनी रहेगी, पौधों की ग्रोथ पर कोई असर नहीं होगा। कृषि विभाग के मुताबिक जिलेभर में करीब 3 लाख हेक्टेयर से अधिक में खरीफ सीजन की बोवनी हुई है। इसमें 1 लाख 70 से अधिक हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी है। बारिश के 10 दिनों की खेंच व 33 डिग्री से अधिक तापमान होने की वजह से फसलें मुरझाने लगी हैं। किसानों के अनुसार प्याज की फसल के लिए वे रोप तैयार कर रहे है। बारिश की शुरूआत होते ही उन्होंने रोप लगा दी थी। लेकिन अब वे मुरझाने लगी है। अधिकांश पथरीली जमीनों पर सोयाबीन व मक्का फसल के भी यही हाल है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन मिश्रा ने बताया अगले दो से तीन में अच्छी बारिश होने की संभावना है। आसमान में बादल ज्यादा दूर चले गए है, बादल प्रभावी होते ही बारिश होगी।

बारिश की खेंच से मक्का फसल मुरझाने लगी, किसान चला रहे कोलपा।

एक्सपर्ट व्यू : किसान हाइड्रोजन का छिड़काव कर चलाए कोलपा

कृषि वैज्ञानिक डॉ. जीएस चुंडावत ने बताया कि बारिश की लंबी खेंच के चलते अगर पौधों में मुरझाने की स्थिति बन रही है तो प्रति हेक्टेयर 5 किलो की दर से हाइड्रोजन का छिड़काव वार्मिंग कम्पोस्ट या खाद में मिलाकर ही करे। खेत में कोलपा चलाए ताकि पानी का कटाव होगा, इससे पौधों में नमी बनी रहेगी। जिन किसानों के यहां सिंचाई की सुविधा हो वे माइक्रो स्प्रिंकलर से हल्की जीवन रक्षक सिंचाई करे। जो पौधे मुरझा रहे है उनके ऊपर 2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करें। इससे वे ग्रोथ करने के साथ ही पौधे में नमी रहती है।

समाचार जारी ...

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