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गुरु का महत्व बडा है अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं- श्री प्रेमलता जी महारासाहेब

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चातुर्मास काल का आगाज हो गया है आज गुरु पूर्णिमा उत्सव है गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है क्योंकि गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं अज्ञान से ज्ञान का आगाज कराते हैं आज गुरु पुर्णिमा उत्सव सभी जगह तपस्या त्याग तप व भजन कीर्तन के साथ मना रहे है गुरु के चार अक्षर में कई अर्थ है ग याने, गरिमा युक्त गौरवशाली सरल हृदय उ का मतलब उपदेश दाता उपदेश देने के साथ हर चीज को सही शब्दों में समझा कर मार्ग प्रशस्त करने वाले, र का मतलब रमन करना अपनी आत्मा के अंदर रमजाना और आम आत्मा को परमात्मा का परिचय करवाना ऊ यानी उद्धव उन्नति शील जीवन जिगर मानव मात्र को उन्नत सील बनाना यह गुरु के 4 शब्दों के 4 रहस्य हमें जीवन जीने का रस्य सिखाते हैं गुरु प्रथम पूज्य होते हैं क्योंकि वो हमें भगवान वह परमात्मा का मार्ग बता कर हमारी अंतरात्मा पर चढ़े राग द्वेष मोह माया क्रोध की कालिमा को हटाने की राह बताते हैं। उक्त बात हुकमेंश संघ के नवम् नक्षत्र आचार्य श्री 1008 रामेश की आज्ञाननुवती शासन दीपिका परम पूज्य श्री प्रेमलता जी महाराज ने नियमित प्रवचन के दौरान जैन सराय कुकड़ेश्वर में धर्म सभा के बीच कहीं उक्त जानकारी चातुर्मास समिति उपाध्यक्ष मनोज खाबिया ने देते हुए बताया। इस अवसर पर परम पूज्य श्री कल्प मणी जी महाराज साहब ने बताया कि मानव मात्र नित्य प्रात उठकर भगवान की प्रार्थना करते हैं उसके पीछे क्या रहस्य है प्रार्थना अंतःकरण की सफाई के लिए की जाती है और सफाई के बाद मन मस्तिष्क स्वस्थ हो जाते हैं पानी पवित्र होगा तो भोजन भी पवित्र होगा इसी प्रकार आत्मा को निर्मल बनाना चाहिए आज हम पानी की बर्बादी करने पर तुले हुए हैं अगर पानी नहीं हुआ तो जीवन बर्बाद हो जाएगा हमें श्रमण भगवान महावीर व विज्ञान भी कहता है कि पानी बचाओ पानी की एक बूंद में असंख्य जीव होते हैं जिनके साथ ही पानी को बर्बाद होना। दैनिक जीवन पर असर डालता है यूके पर लिस्ट पानी को 100 फीट गहराई से सोच लेता है उसी प्रकार आज का मानव अपने स्वार्थ सुख सुविधा वैभव के लिए अपनों को भी गिरा कर आगे बढ़ने की सोचता है हमें यूकेपी लिस्ट की तरह नहीं रहकर पानी की तरह निर्मल रहना है पानी तीन जगह रहना चाहिए प्रथम आंखों में पानी याने की आंखों से स्नेह वात्सल्य सदा बहता रहे वह दूसरा वाणी में पानी वाणी सु मधुर बोलना चाहिए तीसरा हृदय में पानी हमारे हृदय से प्यार स्नेह व निर्मल रहे इन 3 चीजों का समावेश होगा तो हमारी आत्मा परमात्मा से मिल जाएगी हम आज सिर्फ अपने लिए सोचते हैं लेकिन सबके लिए सोचो व धर्म में आगे रहो 8 माह में अपनी जीविका की कमाई के लिए मिले यह चार माह चातुर्मास के आज से हमारी अपनी कमाई के लिए हैं इसकी कमाई कर लो व व्यर्थ पानी बहाने की तरह अपना जीवन मत गवाह जीवन को सार्थक करना है इस मानव जिवन को सफल बनाना है चातुर्मास काल प्रारंभ हो रहा है आचार्य भगवन रामेश के चरणों में तेले की लड़ी की भेट भेजे व अपने जीवन को सार्थक बनाएं आज तीन उपवास दिन पहले उपवास के तेले आयम्बिल व एकासन के तेले है तेरस से पूर्णिमा तक हुए एवं नियमित उपवास आयम्बिल एकाशन की लड़ी चल रही है कुकड़ेश्वर में सकल जैन संघ चातुर्मास का वचनों का लाभ ले रहा है प्रवचन में सकल जैन संघ के कई वरिष्ठ जन नियमित प्रवचन लाभ ले रहे हैं दिनेश गांधी पान जमुनिया सूरजमल बोहरा, सागरमल, सुभाष पोरवाल, राजकुमार जैन, विजय,गजेंद्र कोचर, दिलीप पटवा, रंजीत सिंह छाजेड, राजेश छाजेड, राजेन्द्र बाबेल, तेजकरण सोनी व कई महिला पुरुष के साथ नित्य सामायिक व प्रवचन का लाभ श्रावक श्राविका उठा रहे हैं। कार्यक्रम वंदना व संचालन सतीश खाबिया ने किया चातुर्मास समिति अध्यक्ष विजय, सचिव प्रकाश एस जैन उपाध्यक्ष मनोज खाबिया सचिव अरुण जोधावत कोषाध्यक्ष कैलाश जोधावत आदि के साथ समाज अध्यक्ष सूरजमल बोहरा सचिव नरेंद्र सिंह कामदार ने सभी धर्मा वलियों से धर्म आराधना प्रवचन का लाभ लेने का अनुरोध किया।


समाचार जारी ...

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