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विद्यार्थी नहीं कर सकेंगे गुमराह, शिक्षक वाट्सएप से देंगे सूचनाएं - Humara Mandsaur
Sun. Dec 15th, 2019

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विद्यार्थी नहीं कर सकेंगे गुमराह, शिक्षक वाट्सएप से देंगे सूचनाएं

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शासकीय व अशासकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के पालकों की मीटिंग कर शिक्षकों को वाट्सएप ग्रुप बनाना होगा। शिक्षक अभिभावकों के मोबाइल नंबर लेकर उनको ग्रुप में जोड़ेंगे। इसके माध्यम से शिक्षक बच्चों के अभिभावकों से सतत संपर्क में रहेंगे। इसका फायदा यह होगा कि विद्यार्थियों की रिपाेर्ट वाट्सएप पर मिलेगी। कक्षा से अनुपस्थित रहने वाले बच्चाें की जानकारी भी दी जाएगी।

लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने अादेश का स्कूलों में सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नए सत्र के लिए विभाग की इस पहल का मकसद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति नियमित करना है। बच्चे पालक को गुमराह नहीं कर सकेंगे। बच्चों की सुरक्षा आदेश के मुताबिक यदि स्कूल परिसर में बाउंड्रीवाॅल नहीं बनी है तो परिसर के चारों अाेर तार फेंसिंग कर कैंपस को सुरक्षित करना होगा। परिसर, कक्ष की सफाई करने व बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था करने की बात कही है।

डीपीआई से ये निर्देश मिले हैं

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सत्र 2019-20 की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत विद्यार्थियों का प्रवेश, शाला की सफाई और पढ़ाई के बारे में बताया है। विद्यार्थियों की सतत उपस्थिति बनाए रखने के लिए पालकों के वाट्सएप नंबर लेकर कक्षा शिक्षक का ग्रुप बनाया जाना है।

बैठक बुलाकर बताना होगा ब्रिज कोर्स के फायदे क्या

आदेश में छात्रों को नियमित उपस्थिति के लिए पालकों से संपर्क आवश्यक है। अतः शाला प्रबंधन समिति की बैठक बुलाकर सभी पालकों को छात्रों के गतवर्ष के परिणाम पर भी चर्चा की जाए। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति क्यों आवश्यक है, यह भी पालक को समझाया जाए। 9वीं में प्रवेश से छात्रों और पालकों का ब्रिज कोर्स के बारे में और उसकी उपयोगिता की जानकारी भी दी जाएगी। छात्रों का प्रवेश दिलाने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी दी है। इसके लिए शिक्षकों को न केवल अपनी पोषित शाला से संपर्क करना है बल्कि अप्रवेशी बच्चों के पालकों के घर जाकर उनसे संपर्क कर प्रवेश दिलाना है। डीईओ आरएल कारपेंटर का कहना है कि शासन द्वारा जो आदेश आए हैं, उसके बारे में सभी स्कूलों को अवगत कराया जाएगा।

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