Sun. Aug 18th, 2019

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उड़द, तुअर, सरसों, सोयाबीन में मंदी, धनिया-जीरा तेज

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गत पांच-छ: दिनों के अंतराल सट्टेबाजी के बीच मुंबई-चेन्नई सहित बंदरगाह वाली मंडियों मेें उड़द-तुवर के भाव 100 से 150 रुपए घटाकर बंद हुए। उधर तरावड़ी, कैथल, टोहाना आदि मंडियों में बारीक चावल 200 से 300 रुपए लुढ़क गए। अलवर-भरतपुर में सरसों 30 से 40 रुपए घट गई। सोयाबीन में भी 40 से 50 रुपए का मंदा आ गया। रामगंज-कोटा लाइन में बिल्टी में धनिया डेढ़ से दो रुपए किलो बढ़ जाने से दिल्ली सहित अन्य वितरक मंडियों में भी 200 से 300 रुपए क्विंटल तेज हो गया। जीरा भी ऊंझा में आवक घटने एवं बढ़िया मालों में बड़ी कम्पनियों की लिवाली से 60 से 70 रुपए प्रति 20 किलो तेज हो गया। चिरौंजी बैतूलगंज, ओबरा लाइन में 50 से 75 रुपए किलो तेज हो गई, क्योंकि गुठली की आवक कच्ची मंडियों में टूट गई है।

अनाज-दाल: उड़द की नई फसल दो महीने बाद आएगी, लेकिन पुराने मालों की भारी कमी हो जाने एवं सटोरियों की सट्टेबाजी से पिछले दिनों चेन्नई-मुंबई में बाजार बढ़ गए थे, वह दाल मिलों की मांग ठंडी पड़ जाने एवं चेन्नई में पुराने कंटेनरों की बिकवाली आने से उक्त अवधि के अंतराल 100 से 150 रुपए घटकर 5550 से 5575 रुपए भाव रह गए। मुंबई में 5600 से 5625 रुपए भाव बोल रहे हैं। हालांकि दिल्ली सहित उत्तर भारत की मंडियों के लिए पड़ते नहीं लग रहे हैं, लेकिन दाल धोया व छिलका की बिक्री काफी कम रह जाने से बाजार यहां दबे हुए हैं। तुवर भी 100 रुपए घटकर चेन्नई में 5250 रुपए एवं मुंबई में 5300 रुपए रह गई। सरकार द्वारा डिब्बे में मूंग का व्यापार शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसकी किस्में व कलर के हिसाब से बिक्री होती है, यह मालूम नहीं है कि डिब्बा किस किस्म के माल के व्यापार को इजाजत देता है। इसमें क्वालिटी का स्पेसिकेशन करना मुश्किल होगा। बारीक चावल का निर्यात ईरान के लिए बंद हो जाने तथा पहले के सौदों का भुगतान फंसने से बाजारों में रुपये की तंगी आ गई है। यही कारण है कि स्टॉकिस्टों की घबराहटपूर्ण बिकवाली से 300 रुपए टूटकर यूपी में 7100 रुपए एवं हरियाणा में 7200 रुपए 1121 सेला चावल के भाव रह गए हैं। स्टीम 7700 से 7800 रुपए पर आ गया है।

तेल-तिलहन: राजस्थान की मंडियों में सरसों की आवक 70 हजार से बढ़कर 85 हजार बोरी दैनिक हो जाने से वहां 30 से 40 रुपए घटकर कोटा, टोंक, निवाई, सुमेरपुर लाइन में भाव 3780 से 3825 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर पहुंच में टैक्स पेड 42 प्रतिशत कंडीशन की सरसों 4060 से 4065 रुपए प्रति क्विंटल रह गई। नीचे में दो दिन पहले 4050 रुपए भी भाव रह गए थे। देश की सभी मंडियों को मिलाकर सीजन ऑफ होने पर भी डेढ़ लाख बोरी की आवक हो रही है। वहीं मलेशिया मंदा होने से सरसों तेल की पिराई घट गई है। सोया डीओसी भी 800 रुपए टूटकर कोटा लाइन में 30000 रुपए प्रति टन रह गई। सरसों व सूरजमुखी डीओसी में भी प्लांटों में 200 से 300 रुपए का मंदा आ गया।

किराना-मेवे: डिब्बे में सटोरियों की लिवाली के साथ-साथ रामगंज, कोटा, मंदसौर, नीमच, रतलाम आदि उत्पादक मंडियों में धनिये की आवक घट जाने से वहां दो से ढाई रुपये किलो बादामी माल के भाव तेज बोलने लगे। दिल्ली पहुंच में जो धनिया 8000 से 8100 रुपए में बिका था, उसके भाव 8200 से 8300 रुपए क्विंटल बोलने लगे। इसी तरह जीरा भी 60 से 70 रुपए बढ़कर एवरेज क्वालिटी का 3300 से 3350 रुपए प्रति 20 किलो ऊंझा में हो गया। चिरौंजी भी बैतूलगंज लाइन में लूज़ में 50 से 75 रुपए बढ़कर 850 से 875 रुपए प्रति किलो बिक गई। गुठली के भाव जो 130 से 135 रुपए किलो थे, वह 200 से 215 रुपए कालाहांडी लाइन में व्यापार हो गया तथा कल का आने वाला माल 200 ग्राम प्रति किलो की कंडीशन पर 265 रुपए बोलने लगे, जिससे उत्तर भारत में स्टॉकिस्ट बढिय़ा माल दो प्रतिशत दाल वाला 1100 रुपए पर जा पहुंचा।

समाचार जारी ...

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