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15 साल बाद कांग्रेस सरकार का पहला बजट आज, 'राइट टू वाटर' और 'राइट टू हेल्थ' स्कीम - Humara Mandsaur
Sun. Sep 22nd, 2019

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15 साल बाद कांग्रेस सरकार का पहला बजट आज, ‘राइट टू वाटर’ और ‘राइट टू हेल्थ’ स्कीम

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प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार की ओर से विधानसभा में आज बजट किया जाएगा। वित्तमंत्री तरुण भनोत सुबह 11 बजे वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत करेंगे। विधानसभा में बजट को मंजूरी दिलाने के लिए कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। इस बार कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। सरकार ‘राइट टू वाटर’ और ‘राइट टू हेल्थ’ दो स्कीमों को पेश करने जा रही है।

राइट टू वाटर में जहां अधिकार देने के साथ रूफ टॉप हार्वेस्टिंग, ग्राउंड वाटर रिचार्ज, प्लांटेशन, स्व सहायता समूहों के माध्यम से बांस के पौधे लगाने समेत अन्य बिंदू शामिल होंगे। वहीं इस बात की सरकार प्रतिबद्धता दिखाएगी कि भविष्य में पानी और पर्यावरण बरकरार रहे। इसके साथ ही राइट टू हैल्थ पर भी सरकार अपने फोकस रखने का वादा करने जा रही है। इसमें खास तौर पर यह जिक्र भी होगा कि छिंदवाड़ा के मेडिकल कॅालेज को अल्ट्रा मॉडर्न बनाया जाएगा।

वित्तमंत्री तरुण भनोत यह दावा पहले ही कर चुके हैं कि इस बार कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। साफ है कि राज्य सरकार पहले ही स्टांप ड्यूटी को बढ़ा चुकी है। पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त ड्यूटी प्रभावी हो गई है।

बजट का आकार बढ़ेंगा: ट्रांसपोर्ट में वाहनों का पंजीयन शुक्ल भी बढ़ चुका है। इसलिए बजट में नया टैक्स तो इंट्रोड्यूज नहीं होगा, लेकिन इस बात का प्रावधान जरूर होगा कि विभाग स्वयं के स्रोतों से टैक्स कैसे बढ़ाएंगे। केंद्रीय करों के हिस्से के अतिरिक्त वित्त विभाग स्वयं के स्रोतों से करीब 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक राजस्व जुटाने के प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर वाणिज्यिक कर विभाग आबकारी और रजिस्ट्री से, ट्रांसपोर्ट विभाग वाहनों के पंजीयन व प्रति सीट कर अधिक लेने और खनिज विभाग रेत व मेजर मिनरल की नीलामी से पैसा जुटाएगा। वित्त विभाग के सूत्रों की मानें तो पिछले साल की तुलना में इस साल बजट का आकार भी 7 से 10 फीसदी तक बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2018-19 में दो लाख 4 हजार 642 करोड़ रुपए का बजट पेश हुआ था।

2677 करोड़ के नुकसान की भरपाई कर ली 
भारत सरकार से मिलने वाले केंद्रीय करों के अनुमानित हिस्से में 2 हजार 677 करोड़ की कटौती हो गई है। राज्य सरकार ने इसकी भरपाई पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त ड्यूटी लगाकर कर ली है। लेकिन इसके बीच विमानों के ईधन पर लगने वाले टैक्स में कटौती के प्रस्ताव को फिलहाल रोक लिया।

1184 करोड़ में बनेगा छिंदवाड़ा मेडिकल काॅलेज 
छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण पर ही 808 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा उपकरणों व अन्य सुविधाओं पर 376 करोड़ और खर्च किए जाएंगे। यह किसी भी मेडिकल काॅलेज पर खर्च की जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी राशि होगी। छिंदवाड़ा मेडिकल काॅलेज को कार्डियक सेंटर व अन्य तकनीकी दक्षता के साथ सुपर स्पेशियालिटी बनाया जा रहा है।

इन रास्तों से जुटाएंगे अतिरिक्त पैसा 

दूसरे राज्यों की बेशकीमती जमीनें बेचेंगे 
परिवहन विभाग की नागपुर, रायपुर समेत अन्य राज्यों जो बेशकीमती जमीनें हैं, उसे बेचकर अतिरिक्त राजस्व जुटाने की तैयारी है। शहर के बीच बने सड़क परिवहन निगम के दफ्तरों पर भी प्रपोजल मांगे जाएंगे।

पंजीयन से एक हजार करोड़ जुटाए जाएंगे. 
20 फीसदी की कलेक्टर गाइड लाइन घटाने और स्टांप ड्यूटी बढ़ाकर राज्य सरकार 1000 करोड़ रुपए अतिरिक्त जुटाना चाहती है। बजट में कहा जाएगा कि इससे लोगों में प्रॉपर्टी के पंजीयन के प्रति रुझान बढ़ेगा।

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