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अब मध्‍यप्रदेश के सभी किसानों को दिलाएंगे सम्मान निधि, पहले उड़ाया था योजना का मखौल

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 लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश सरकार के नुमाइंदों ने केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि का खूब माखौल उड़ाया। अब चुनाव हो चुके हैं और सरकार प्रदेश के करीब एक करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि दिलाएगी। इसके लिए 30 जून तक सभी पात्र किसानों का ब्यौरा केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। योजना में केंद्र सरकार किसानों के खातों में तीन किस्तों में सालाना छह हजार रुपए जमा करेगी। अभी यह राशि प्रदेश के कुछ हजार किसानों को ही मिल रही है।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार ने तय किया है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्रदेशवासियों को दिलाया जाएगा। इसके लिए पिछले सप्ताह बजट प्रस्तावों को लेकर हुई वरिष्ठ अफसरों की बैठक में मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती ने निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा राशि प्रदेश में लाई जाए। इसके लिए केंद्रीय योजनाओं के साथ लंबित राशि को हासिल करने अतिरिक्त प्रयास किए जाएं।

जरूरत हो तो विभागीय मंत्रियों के साथ दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों और अफसरों से मुलाकात करें। बताया जा रहा है कि सरकार की इसी रणनीति के तहत राजस्व विभाग ने किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी पात्र किसानों को दिलाने का अभियान छेड़ दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह तक ज्यादातर पात्र किसानों का ब्यौरा केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।

समग्र नहीं है जानकारी

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में किसानों की समग्र जानकारी कहीं नहीं है। राजस्व विभाग के पास खातेदार किसानों की संख्या है। जबकि, योजना में व्यक्तिगत किसानों की जानकारियां भेजी जानी है। इसे तैयार करने में समय लगा है। अभी किसानों का कुछ डाटा कृषि विभाग के पास है तो कुछ खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के पास और कुछ राजस्व विभाग के पास। इन सभी को इकट्ठा करके ब्यौरा तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है।

इनका कहना है

धानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए किसानों के नाम भेजने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। 30 जून तक अस्सी फीसदी किसानों का ब्यौरा केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा। प्रदेश में लगभग एक करोड़ छोटे और मझौले किसान हैं।

समाचार जारी ...

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